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भूजल के स्तर को बढ़ाने पर जागरूकता अभियान-शिवानी जैन एडवोकेट

शिवानी जैन एडवोकेट की रिपोर्ट

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ऑल ह्यूमन सेव एंड फॉरेंसिक फाउंडेशन डिस्टिक वूमेन चीफ शिवानी जैन एडवोकेट ने कहा कि बढ़ते तापमान के कारण भूजल पर संकट होने के कारण चिंता का विषय है। सिंचाई के लिए भूजल की मांग बढ़ने के कारण अगले 20 सालों में गिरावट की दर तीन गुना बढ़ सकती है। जलवायु में आ रहे बदलाव के कारण यह संकट और गंभीर रूप धारण कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं के शोध द्वारा यह मालूम हुआ है कि बढ़ते तापमान और गर्म जलवायु को कारण भारत आने वाले दशकों में अपने भोजन का कहीं ज्यादा तेजी से दोहन करेगा। शोधकर्ताओं ने 10 जलवायु मॉडलों से प्राप्त बारिश और तापमान की अनुमानों का एवं कई स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों को एकत्रित करके एक डाटा सेट तैयार किया है, जिसमें हजारों कुओं में भूजल के स्तर, फसलों पर बढ़ता जल, तनाव और उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों के साथ मौसम संबंधी रिकार्ड को भी शामिल किया गया है।
ग्लोबल ओनर यूनिवर्सिटी आफ एकेडमिक डायरेक्टर डॉ कंचन जैन ने कहा कि विश्व का एक चौथाई भूजल भारत उपयोग करता है। वरिष्ठ लेखक और यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशीगन के स्कूल फॉर एनवायरमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी में सहायक प्रोफेसर मेहा जैन का कहना है कि भारत देश में भूजल की सबसे ज्यादा खपत कृषि के लिए की जाती है। जो कि विश्व का एक चौथाई भाग है।
डॉ कंचन जैन ने कहा कि सरकार ने अटल भूजल योजना के अलावा जलदूत नामक एप भी लॉन्च किया है। भारत के गांव में गिरते भूजल के जलस्तर का पता लगाना इसका कार्य होगा, जिससे कि पानी की समस्या को दूर किया जा सके।
गौ रक्षक जिला संरक्षक भारतीय गौ रक्षा संगठन डॉ एच सी विपिन कुमार जैन, मां सरस्वती शिक्षा समिति की अध्यक्ष शकुंतला देवी,संरक्षक आलोक मित्तल एडवोकेट, ज्ञानेंद्र चौधरी एडवोकेट, राकेश दक्ष एडवोकेट, शार्क फाउंडेशन तहसील प्रभारी डॉ एच सी अंजू लता जी, शालू सिंह एडवोकेट, सुनीता जी आदि ने कहा कि भारत में जल स्तर में गिरावट एक चिंता का विषय है क्योंकि यह जल पीने का भी प्राथमिक स्रोत है। सिंचाई में कृषकों का भारी दोहन, शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन शामिल है।
उन्होंने भूजल स्तर बढ़ाने के प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ वर्षा जल से प्लांट पुनर्भरण के लिए निष्क्रिय बोरवेल्स का उपयोग करना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
जल संरक्षण के महत्व और पौधों की कमी को रोकने की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
शिवानी के एडवोकेट
डिस्ट्रिक्ट वूमेन चीफ

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